केंद्र सरकार के हिट एंड रन कानून के विरोध में थिथौला स्थित आईओसी, एचपी और भारत गैस के सभी चालक चक्का जाम कर हड़ताल पर रहे। तीनों डिपो के चालकों के हड़ताल पर रहने से गढ़वाल मंडल में तेल और गैस का संकट गहराने का खतरा मंडराने लगा है।

कानून रद्द करने की मांग 

आपको बता दें कि थिथौला स्थित इंडियन ऑयल कारपोरेशन में 150 से ज्यादा गाड़ियां गढ़वाल मंडल में पेट्रोल, डीजल और कैरोसिन की सप्लाई करती है। इसी के बराबर में हिंदुस्तान पेट्रोलियम में भी करीब 100 गाड़ियां राज्य में डीजल, पेट्रोल और कैरोसिन की सप्लाई करती है। थिथौला में भारत गैस का डिपो है। यहां पर भी करीब 100 गाड़ियां राज्य में एलपीजी की सप्लाई करती हैं। तीनों डिपो के चालक हिट एंड रन कानून के विरोध में चक्का जाम कर हड़ताल पर चले गए हैं। चालकों का कहना है कि जब तक केंद्र सरकार इस नए कानून को रद्द करने का एलान नहीं करती, वह काम पर नहीं लौटेंगे।

पहाड़ में गहरा सकता है राशन संकट

ट्रक स्वामी और चालक-परिचालकों ने भी सोमवार से हड़ताल पर हैं। हल्द्वानी में एक हजार माल वाहक वाहनों के पहिए थमे हुए हैं। माल वाहक वाहनों के पहिए थमने से पहाड़ में खाद्यान्न संकट गहरा सकता है।

पिछला लेख Uttarakhand में कड़ाके की ठंड ने बढ़ाई मुश्किल, कई इलाकों में कोहरे का येलो अलर्ट
अगला लेख COWIN Certificate: कोविड वैक्सीन सर्टिफिकेट से हटाई गई पीएम मोदी की तस्वीर, पढ़ें
or

For faster login or register use your social account.

Connect with Facebook
Dankaram Ads